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*सर्व आदिवासी समाज का संभाग स्तरीय सम्मेलन गुंडरदेही में संपन्न, जल-जंगल-जमीन और सामाजिक एकता पर हुआ मंथन*

सर्व आदिवासी समाज का संभाग स्तरीय सम्मेलन गुंडरदेही में संपन्न, जल-जंगल-जमीन और सामाजिक एकता पर हुआ मंथन

गुंडरदेही। सर्व आदिवासी समाज द्वारा आयोजित दुर्ग संभाग स्तरीय सम्मेलन रविवार को गुंडरदेही में गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। सम्मेलन में दुर्ग संभाग के सात जिलों—बालोद, दुर्ग, बेमेतरा, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, कबीरधाम तथा खैरागढ़-छुईखदान-गंडई से आए समाज प्रमुखों, प्रतिनिधियों और पदाधिकारियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत रानी दुर्गावती चौक से निकाली गई भव्य कलश यात्रा से हुई। सर्व आदिवासी समाज की महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा, तीर-कमान और सांस्कृतिक प्रतीकों के साथ नगर में कलश यात्रा निकालकर आदिवासी संस्कृति, गौरव और सामाजिक एकता का संदेश दिया। इसके बाद सामुदायिक भवन, धमतरी चौक गुंडरदेही में संभाग स्तरीय अधिवेशन आयोजित किया गया।

सम्मेलन में जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा, प्रकृति संरक्षण, वन संपदा की रक्षा, सामाजिक एकता, शिक्षा, रोजगार और आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज सदियों से प्रकृति का संरक्षक रहा है और समाज को अपने अधिकारों तथा सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के लिए संगठित होकर कार्य करने की आवश्यकता है। अधिवेशन के दौरान “तीर-कमान एक समान, सर्व आदिवासी एक समान” के नारों से पूरा सभागार गूंजता रहा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सर्व आदिवासी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिशुपाल शौरी थे, जबकि अध्यक्षता राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद मोहन सिंह माण्डवी ने की। सम्मेलन में सेवानिवृत्त प्रशासनिक, न्यायिक एवं राजस्व सेवा के अधिकारियों सहित समाज के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष प्रमोद जैन ने कहा कि यह गुंडरदेही के लिए गौरव का विषय है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आदिवासी समाज से आते हैं और समाज के विकास के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा सर्व आदिवासी समाज के भवन निर्माण के लिए 20 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसका भूमिपूजन भी इस अवसर पर किया गया।

उन्होंने यह भी बताया कि आदिवासी समाज की 16 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री सचिव की अध्यक्षता में हाल ही में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें समाज के हितों, अधिकारों और विकास संबंधी मुद्दों पर गंभीर चर्चा की गई। राज्य सरकार आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपराओं और अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम में जिला भाजपा अध्यक्ष चेमन देशमुख, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रमोद जैन, भाजपा मंडल अध्यक्ष युवराज मरकण्डे सहित बड़ी संख्या में सामाजिक, राजनीतिक एवं प्रशासनिक क्षेत्र के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

सम्मेलन के दौरान “जय जोहार”, “जल-जंगल-जमीन हमारा अधिकार”, “आदिवासी एकता जिंदाबाद”, “रानी दुर्गावती अमर रहें” और “बिरसा मुंडा अमर रहें” जैसे नारों से पूरा परिसर गुंजायमान रहा। वक्ताओं ने समाज की संस्कृति, भाषा, परंपरा और अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के अंत में समाज के वरिष्ठजनों ने सामाजिक एकता, भाईचारे और आदिवासी अस्मिता को सशक्त बनाने का संकल्प दोहराते हुए जल, जंगल और जमीन की रक्षा तथा आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए मिलकर कार्य करने की अपील की। “जय जोहार, जय आदिवासी समाज” और “तीर-कमान एक समान, सर्व आदिवासी एक समान” के उद्घोष के साथ सम्मेलन का समापन हुआ।

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