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*अरपा नदी में अवैध रेत खनन का खेल: सरपंच-पंच पर मिलीभगत के गंभीर आरोप, नाबालिगों की मौजूदगी से बढ़ा खतरा*

अरपा नदी में अवैध रेत खनन का खेल: सरपंच-पंच पर मिलीभगत के गंभीर आरोप, नाबालिगों की मौजूदगी से बढ़ा खतरा

*संवाददाता शमीम अंसारी की रिपोर्ट*

कोटा। जनपद पंचायत कोटा अंतर्गत ग्राम पंचायत पोड़ी में अरपा नदी से कथित रूप से बड़े पैमाने पर अवैध रेत खनन किए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने सरपंच और पंच पर मिलीभगत से अवैध खनन कराने तथा ट्रैक्टर चालकों से प्रति ट्रिप वसूली करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

ग्रामीणों के अनुसार, अरपा नदी से प्रतिदिन 20 से 25 ट्रैक्टर रेत का परिवहन कर रहे हैं और प्रत्येक वाहन कई-कई चक्कर लगा रहा है। आरोप है कि ट्रैक्टर चालकों से प्रति ट्रिप 300 रुपये की वसूली की जाती है। कुछ चालकों ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि यह राशि पंचायत के जिम्मेदार लोगों तक पहुंचाई जाती है।

सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि खनन स्थल पर नाबालिग बच्चों की मौजूदगी भी देखी जा रही है। बताया जा रहा है कि रेत भराई और अन्य कार्यों के दौरान बच्चे भी वहां पहुंचते हैं। इससे पहले नदी और खदान क्षेत्रों में कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें मासूमों की जान तक जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा मानकों की अनदेखी किए जाने के आरोप लग रहे हैं।

 

इस तरह की अवैध खनन क्या खनिज विभाग की लापरवाही का नतीजा?

 

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ग्रामीणों का कहना है कि नदी से रेत निकालने के लिए दो इंजनों की मदद से टोचन कर फंसे वाहनों को बाहर निकाला जाता है, जो अत्यंत जोखिमपूर्ण है और किसी बड़ी दुर्घटना को आमंत्रण दे सकता है। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

बताया जा रहा है कि करगी रोड कोटा, कंचनपुर, सलका और नवागांव क्षेत्र के ट्रैक्टर नियमित रूप से यहां से रेत परिवहन कर रहे हैं। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर अवैध खनन, कथित वसूली और नाबालिगों की मौजूदगी की जांच कराने की मांग की है।

अब सवाल यह है कि यदि ग्रामीणों के आरोप सही हैं तो खनिज विभाग, राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन की निगरानी के बावजूद यह अवैध कारोबार कैसे संचालित हो रहा है?

अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस खबर के प्रकाशित होने पर क्या कार्रवाई करता है या नहीं? ताकि अरपा नदी का अस्तित्व और लोगों की सुरक्षा दोनों सुरक्षित रह सकें।

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