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*30–40 साल पुराना रास्ता दबंगई से बंद, प्रशासन मूकदर्शक—कार्रवाई के बजाय सिर्फ आश्वासन*

30–40 साल पुराना रास्ता दबंगई से बंद, प्रशासन मूकदर्शक—कार्रवाई के बजाय सिर्फ आश्वासन

बिलासपुर। नया सरकंडा क्षेत्र में एक लंबे समय से उपयोग में आ रहा सार्वजनिक रास्ता दोबारा बंद किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मोहल्लेवासियों का आरोप है कि करीब 30–40 वर्षों से उपयोग में आ रहे इस रास्ते को कथित दबंगई के चलते बंद कर दिया गया है, जिससे आम लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

जानकारी के अनुसार, यह रास्ता कपिल नगर से लक्ष्मीनारायण सोनी के घर होते हुए मन्नू माणिकपुरी के घर तक जाता है, जिसे नगर निगम द्वारा वर्षों पहले सी.सी. रोड के रूप में विकसित किया गया था। बावजूद इसके, अजीत सिंह ठाकुर और विजय सोमवासी द्वारा इस रास्ते को बंद कर दिए जाने का आरोप लगाया जा रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने इस मामले को लेकर कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त सहित संबंधित अधिकारियों को कई बार शिकायत दी, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। खास बात यह है कि करीब एक महीने पहले नगर निगम आयुक्त के निर्देश पर जोन क्रमांक 8 सरकंडा द्वारा रास्ता खुलवाया गया था, लेकिन उसके बाद कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया, जिससे रास्ता फिर से बंद हो गया।

मोहल्लेवासियों के अनुसार, जोन कमिश्नर विभा सिंह ठाकुर द्वारा हाल ही में रास्ता खुलवाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। इससे लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।

स्थानीय नागरिकों का दावा है कि यह रास्ता राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है और इसका सीमांकन भी स्पष्ट है, इसके बावजूद प्रशासन प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रहा है। रास्ता बंद होने से न केवल दैनिक आवागमन बाधित हुआ है, बल्कि आपातकालीन सेवाओं जैसे एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड के लिए भी गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है।

मोहल्लेवासियों ने यह भी बताया कि उन्होंने अपनी शिकायत मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाई, लेकिन कहीं से भी ठोस पहल नहीं हुई। हर स्तर पर आश्वासन मिला, मगर जमीनी स्थिति जस की तस बनी हुई है।

इस मामले ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब एक बार रास्ता खुलवाया जा चुका था, तो उसे दोबारा बंद होने से रोकने के लिए ठोस कदम क्यों नहीं उठाए गए—यह बड़ा प्रश्न बना हुआ है।

मोहल्ले के लोगों में अब आक्रोश साफ दिखाई दे रहा है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही रास्ता स्थायी रूप से नहीं खुलवाया गया, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि आंदोलन के दौरान कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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