**जीजीयू में छात्र अर्सलान की संदिग्ध मौत पर सियासी हलचल तेज, एनएसयूआई नेताओं ने विधायक देवेंद्र यादव से की मुलाकात**
**बिलासपुर।**
गुरूघासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी (जीजीयू) परिसर में छात्र **अर्सलान अंसारी** की संदिग्ध मौत का मामला दिन-ब-दिन गंभीर होता जा रहा है। 23 अक्टूबर को विवेकानंद हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहे अर्सलान का शव यूनिवर्सिटी परिसर स्थित तालाब में मिलने के बाद से ही परिजन, छात्र संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं। परिजनों ने शुरू से ही इसे सामान्य घटना मानने से इनकार करते हुए **हत्या की आशंका** जताई है, वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आए कई बिंदुओं ने भी संदेह को और गहरा कर दिया है।
nsui के प्रदेश सचिव रंजेश ने कहा की इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतने गंभीर संदेहों के बावजूद पुलिस ने अब तक **हत्या की धारा** नहीं लगाई है। पुलिस ने इसे गैर इरादतन मृत्यु मानते हुए केवल औपचारिक कार्रवाई की है और केस में हॉस्टल वार्डन तथा सुरक्षा अधिकारी के पद का उल्लेख कर खानापूर्ति की गई है। परिजनों का आरोप है कि न तो यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने समय रहते जिम्मेदारी निभाई और न ही पुलिस जांच में अपेक्षित गंभीरता दिखाई जा रही है।
पुलिस जांच की धीमी गति और प्रशासन की चुप्पी से आक्रोशित छात्र संगठनों ने अब आंदोलन का रास्ता अख्तियार कर लिया है। इसी क्रम में शनिवार को **एनएसयूआई प्रदेश सचिव रंजेश सिंह** के नेतृत्व में छात्र नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल **भिलाई विधायक देवेंद्र यादव** से मिला। इस दौरान नेताओं ने पूरे घटनाक्रम की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन की लापरवाही और पुलिस की सुस्त जांच के कारण अर्सलान के परिवार को आज तक न्याय नहीं मिल पाया है।
एनएसयूआई नेताओं ने विधायक के सामने कई गंभीर बिंदु रखे। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जिन तथ्यों पर सवाल उठे हैं, उनकी स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है। इसके साथ ही मांग की गई कि मामले में **हत्या की धारा जोड़ी जाए**, जांच को उच्च स्तर पर स्थानांतरित किया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। छात्र नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी प्रबंधन मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है, जिससे छात्रों में भय और असुरक्षा का माहौल है।
विधायक **देवेंद्र यादव** ने छात्र नेताओं की बातों को गंभीरता से सुना और उन्हें भरोसा दिलाया कि अर्सलान की मौत का मामला किसी भी कीमत पर दबने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह केवल एक छात्र की मौत नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र और छात्र सुरक्षा से जुड़ा गंभीर प्रश्न है। विधायक ने आश्वासन दिया कि वे इस मुद्दे को **विधानसभा में उठाएंगे** और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराने के लिए संबंधित अधिकारियों से बात करेंगे। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दोषी चाहे कोई भी हो, उसे किसी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
गौरतलब है कि जीजीयू जैसे केंद्रीय विश्वविद्यालय में छात्र की संदिग्ध मौत ने सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक जिम्मेदारियों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब देखना यह होगा कि जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप और छात्र संगठनों के दबाव के बाद जांच की दिशा बदलती है या नहीं। अर्सलान के परिजन और साथी छात्र आज भी सिर्फ एक ही सवाल पूछ रहे हैं—**क्या उन्हें न्याय मिलेगा?**
Sanjeev singh Address bhartiya nagar bilaspur 7000103836
