**चौंकाने वाला खुलासा : निर्वाचन आयोग ने जिसे “मृत” बताया, उसे विजय केशरवानी ने किया प्रेसवार्ता में जिंदा पेश — मतदाता सूची में धांधली के गंभीर आरोप, कांग्रेस बोली “भाजपा ने चुराई जीत”**
**बिलासपुर।** बेलतरा विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी एवं जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष **विजय केशरवानी** ने आज एक प्रेसवार्ता में सनसनीखेज खुलासा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने निर्वाचन आयोग के साथ मिलीभगत कर बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर **मतदाता सूची में हेराफेरी कर चुनावी जीत चुराई है।**
केशरवानी ने बताया कि कांग्रेस की प्रारंभिक जांच और भौतिक सत्यापन में **इलेक्टोरल फ्रॉड के चौंकाने वाले सबूत** सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ने पहले क्षेत्र के लोगों की पहचान पत्र (ID) सुनियोजित तरीके से एकत्रित किए, फिर उन्हीं ID के आधार पर मतदाता सूची से कांग्रेस समर्थक मतदाताओं के नाम “स्थानांतरित” या “मृत” दिखाकर हटा दिए।
सबसे **चौंकाने वाला मामला** तब सामने आया जब निर्वाचन आयोग की सूची में **राधेलाल खरे (74 वर्ष, पिता विदेशी खरे)** को “मृत” दिखाया गया था, जबकि वे जीवित और स्वस्थ हैं। विजय केशरवानी ने राधेलाल खरे को प्रेसवार्ता में **स्वयं उपस्थित करवा कर सभी को स्तब्ध कर दिया।**
उन्होंने कहा कि “यह सिर्फ एक उदाहरण है, ऐसी गड़बड़ियां सैकड़ों की संख्या में हैं — यह लोकतंत्र पर सीधा प्रहार है।”
केशरवानी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में 51 मतदाता ऐसे मिले जिनकी उम्र 100 वर्ष से अधिक दर्ज है, जिनमें से 7 की मृत्यु हो चुकी है लेकिन सूची में नाम बने हुए हैं। 40 मतदाता ऐसे पाए गए जिनके नाम “स्थानांतरित” दिखाए गए जबकि वे आज भी उसी बूथ पर निवासरत हैं।
8 मतदाताओं के नाम दो से तीन बूथों में दर्ज हैं, जबकि 10 मतदाताओं की जानकारी **अस्पष्ट और अधूरी** पाई गई। केवल **कोनी शहरी क्षेत्र के बूथ क्रमांक 135** में ही 490 मतदाताओं के मकान नंबर गलत हैं — इनमें 31 के मकान नंबर “शून्य”, 350 के मकान नंबर दर्ज ही नहीं, और कई के मकान नंबर की जगह मोहल्ले का नाम लिखा गया है।
केशरवानी ने कहा, “यह सब कोई तकनीकी त्रुटि नहीं बल्कि एक **सुनियोजित राजनीतिक साजिश** है। बेलतरा में कांग्रेस के मजबूत बूथों पर मतदाता सूची में हेराफेरी कर हमारे मतदाताओं को बाहर किया गया।” उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने पहले ही नाम काटे जाने की सूची **उपलब्ध नहीं कराई**, जिससे वोट चोरी का पूरा प्रमाण सामने नहीं आ पा रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि **राहुल गांधी** के “वोट चोरी” खुलासे के बाद ही आयोग ने बिना सत्यापन के ऑनलाइन नाम हटाने की प्रक्रिया पर रोक लगाई, लेकिन तब तक नुकसान हो चुका था। “2023 के विधानसभा चुनाव से पहले इस व्यापक धोखाधड़ी ने परिणामों को प्रभावित किया,” केशरवानी ने कहा।
कांग्रेस नेता ने आयोग के नए **SIR (Systematic Information Revision)** सिस्टम पर भी सवाल उठाए और कहा कि “यह बिहार की तरह ही चुनावी हेराफेरी का नया तरीका है।” उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पारदर्शिता नहीं बरती गई तो कांग्रेस राज्यभर में विरोध की नई मुहिम छेड़ेगी।
अंत में केशरवानी ने कहा —
“हमने वोट नहीं, लोकतंत्र की आत्मा चुराई जाते देखी है।
अब ‘वोट चोर गद्दी छोड़ो’ अभियान हर गांव और हर शहर में गूंजेगा।”
Sanjeev singh Address bhartiya nagar bilaspur 7000103836

[responsivevoice_button voice="Hindi Female" buttontext="यह खबर हिंदी आडिओ में सुने "]
