[responsivevoice_button voice="Hindi Female" buttontext="यह खबर हिंदी आडिओ में सुने "]

आदर्श दुर्गोत्सव समिति का गौरवशाली 50वां स्वर्ण जयंती वर्ष* 10 दिवसीय भव्य आयोजन

आदर्श दुर्गोत्सव समिति का गौरवशाली 50वां स्वर्ण जयंती वर्ष*

इस नवरात्र पर 10 दिवसीय भव्य महोत्सव का आयोजन

बिलासपुर।
आदर्श दुर्गोत्सव समिति, सुभाष नगर गौड़पारा इस वर्ष अपने गौरवशाली 50वें स्वर्ण जयंती वर्ष में प्रवेश कर रही है। समिति ने इस अवसर को यादगार बनाने के लिए नवरात्र महोत्सव को 10 दिनों तक भव्य और ऐतिहासिक स्वरूप में मना रहा   है।

समिति के अध्यक्ष जवाहर सराफ ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि परंपरागत रूप से आदर्श चौक पर आयोजित होने वाला आयोजन इस बार नदी तट प्रस्तावित रिवर व्यू रोड पर भी किया जा रहा है। वहीं आदर्श चौक पर भी प्रतिमा स्थापना और पूजा-अर्चना विधिवत रूप से जारी रहेगी।

भव्य शोभायात्रा से होगा शुभारंभ

महोत्सव का शुभारंभ रविवार, 21 सितम्बर की शाम 6 बजे माता रानी के भव्य आगमन से होगा। शोभायात्रा खाटू श्याम मंदिर से प्रारंभ होकर नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए रिवर व्यू रोड पहुँचेगी। इसमें सुप्रसिद्ध गायक दुकालू यादव जसगीत और जागरण की प्रस्तुति देंगे। बस्तर के आदिवासी कलाकारों, उड़ीसा के सिंघ बाजा, केरल के कान्तार, उज्जैन के डमरु दल, पंजाबी ढोल तथा छत्तीसगढ़ी पारंपरिक नृत्य राउत नाच व करमा की विशेष झलकियां देखने को मिलेंगी। शोभायात्रा में प्रेम मंदिर, जगन्नाथ पुरी और महाकाल मंदिर की आकर्षक झांकी भी शामिल होगी।

 10 दिन तक हो रहे आयोजन की प्रमुख विशेषताएँ

  1. विशाल महलनुमा पंडाल – 25,000 वर्गफीट क्षेत्र में राजस्थान शैली का पंडाल, कोलकाता के कलाकारों द्वारा निर्मित।
  2. विशाल प्रतिमा – छत्तीसगढ़ में पहली बार 25 फीट ऊँची और 45 फीट चौड़ी माँ दुर्गा की प्रतिमा की स्थापना।
  3. लेजर व फाउंटेन शो – प्रतिदिन लगभग 1 किमी क्षेत्र में नदी के उस पार से विशेष लेजर व फाउंटेन शो।
  4. लकी ड्रा – कार, मोटरसाइकिल, इलेक्ट्रिक वाहन सहित सैकड़ों आकर्षक पुरस्कार।
  5. चुनरी यात्रा – 22 सितम्बर को हरदेवलाल मंदिर से प्रारंभ होकर आदर्श चौक होते हुए रिवर व्यू रोड तक।
  6. चारधाम की झांकी – उत्तराखंड के कारीगरों द्वारा निर्मित भव्य प्रदर्शन।
  7. मनोरंजन व मेला – बच्चों के लिए मीना बाजार और मनोरंजन केंद्र।
  8. रामलीला व रावण दहन – 10 दिनों तक मंचन और दशहरा पर रावण दहन।
  9. माँ अरपा की आरती – पं. भारती जी द्वारा 23 सितम्बर को विशेष आयोजन।
  10. सम्मान समारोह – 23 व 24 सितम्बर को समाज प्रमुखों, दुर्गा समितियों के पदाधिकारियों व प्रतिभाशाली युवक-युवतियों का सम्मान।
  11. विशेष दर्शन व्यवस्था – वृद्धाश्रम के श्रद्धालुओं व विशेष बच्चों के लिए दर्शन की सुविधा।
  12. महिला गरबा – 26 और 27 सितम्बर को भारतीय परिधान में गरबा आयोजन।

श्रद्धालुओं से अपील

समिति ने कहा कि इस स्वर्ण जयंती वर्ष का उद्देश्य अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को सुव्यवस्थित तरीके से माँ दुर्गा के दर्शन कराना है। सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार कर पूरे प्रदेश व पड़ोसी राज्यों तक आमंत्रण पहुँचाया जा रहा है।

अध्यक्ष जवाहर सराफ सहित समिति के सदस्यों ने समस्त नागरिकों से आग्रह किया है कि वे सहपरिवार इस ऐतिहासिक आयोजन में सहभागी बनें और माँ शक्ति की भक्ति के इस महापर्व के साक्षी बनें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *