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धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों से दिया इस्तीफा, देश के लोकतांत्रिक इतिहास में दूसरी बार ऐसा घटनाक्रम**

**उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों से दिया इस्तीफा, देश के लोकतांत्रिक इतिहास में दूसरी बार ऐसा घटनाक्रम**

नई दिल्ली। देश के 14वें उपराष्ट्रपति **जगदीप धनखड़** ने सोमवार को **स्वास्थ्य कारणों** का हवाला देते हुए अपने पद से **तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया।** उन्होंने राष्ट्रपति **द्रौपदी मुर्मू** को अपना त्यागपत्र सौंपते हुए संविधान के **अनुच्छेद 67(ए)** का उल्लेख किया। उन्होंने अपने इस्तीफे में लिखा कि वह डॉक्टरों की सलाह का पालन करते हुए स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना चाहते हैं।

धनखड़ ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मंत्रिपरिषद और सांसदों का आभार जताते हुए कहा कि यह उनके लिए गर्व की बात रही कि वह भारत की प्रगति के साक्षी बन सके। उन्होंने कहा, *”यह मेरे लिए गर्व और सम्मान की बात रही है कि मैंने इस महान लोकतंत्र में उपराष्ट्रपति जैसे गरिमामय पद पर कार्य किया। प्रधानमंत्री से मुझे जो मार्गदर्शन मिला, वह मेरे लिए प्रेरणादायक रहा। सांसदों से मिला स्नेह, विश्वास और अपनापन मेरी स्मृति में सदा जीवित रहेगा।”*

धनखड़ ने यह भी उल्लेख किया कि भारत के *आर्थिक और वैश्विक विकास* की यात्रा में उनका योगदान देना एक संतोषजनक अनुभव रहा। उन्होंने लिखा, *”राष्ट्र के इस परिवर्तनकारी कालखंड में सेवा करना मेरे लिए सौभाग्य की बात रही है। भारत का भविष्य उज्ज्वल है और मुझे उस पर पूर्ण विश्वास है।”*

* उत्तराखंड दौरे के दौरान बिगड़ी थी तबीयत*

धनखड़ पिछले महीने उत्तराखंड के तीन दिवसीय दौरे पर गए थे, जहां **कुमाऊं विश्वविद्यालय** के एक कार्यक्रम के बाद उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। चिकित्सकों ने उन्हें प्राथमिक उपचार दिया और बाद में वह **राज्यपाल गुरमीत सिंह** के साथ राजभवन रवाना हुए थे। इसके बाद से ही उनकी सेहत को लेकर चिंताएं बनी हुई थीं।

*कार्यकाल के बीच में इस्तीफा देने वाले दूसरे उपराष्ट्रपति*

देश के इतिहास में यह **दूसरी बार** है जब किसी उपराष्ट्रपति ने अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले इस्तीफा दिया है। इससे पहले **वी.वी. गिरि** ने 20 जुलाई 1969 को स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर **राष्ट्रपति चुनाव** लड़ने के लिए उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दिया था। धनखड़ का कार्यकाल 10 अगस्त 2027 तक था। उन्होंने हाल ही में एक कार्यक्रम में कहा भी था कि *”ईश्वर की कृपा रही तो अगस्त 2027 में सेवानिवृत्त हो जाएंगे।”*

* नए उपराष्ट्रपति को लेकर चर्चाएं तेज*

धनखड़ के इस्तीफे के बाद **सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन** में नए उपराष्ट्रपति के चयन को लेकर मंथन तेज हो गया है। एनडीए के पास लोकसभा और राज्यसभा में बहुमत है, ऐसे में नए उम्मीदवार के चयन में गठबंधन को निर्णायक भूमिका मिलेगी। संभावित चेहरों में कुछ **राज्यपाल, वरिष्ठ संगठनात्मक नेता** और **केंद्रीय मंत्री** शामिल हो सकते हैं।

वर्तमान में **राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश**, जो जनता दल (यू) से हैं, का नाम भी चर्चा में है। माना जा रहा है कि उन्हें सरकार का विश्वास प्राप्त है और वह एक संभावित उम्मीदवार हो सकते हैं।

धनखड़ के इस्तीफे के बाद **भारत के राजनीतिक परिदृश्य** में एक महत्वपूर्ण रिक्ति उत्पन्न हो गई है, जिसकी पूर्ति के लिए जल्द ही चुनाव प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।

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