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दूधधारा में बाबा नरेंद्रगिरी का अतिक्रमण हटाया गया, श्रद्धालुओं में खुशी की लहर..

दूधधारा में बाबा नरेंद्रगिरी का अतिक्रमण हटाया गया, श्रद्धालुओं में खुशी की लहर

संवाददाता – श्रवण उपाध्याय, अमरकंटक

अमरकंटक से 6-7 किलोमीटर दूर स्थित प्रसिद्ध तीर्थस्थल दूधधारा जलप्रपात में लंबे समय से चल रहे विवाद का आखिरकार पटाक्षेप हो गया है। मां नर्मदा की उद्गम स्थली अमरकंटक के इस पवित्र स्थल पर बाबा नरेंद्रगिरी द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर श्रद्धालुओं को स्नान से रोकने का मामला गरमाया। शनिवार 21 जून को यह मामला उस वक्त सुर्खियों में आ गया जब अनूपपुर भाजपा जिलाध्यक्ष हीरा सिंह श्याम ने बाबा की मनाही के बावजूद नर्मदा स्नान किया और विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई।

स्थानीय लोगों और पर्यटकों का कहना है कि बाबा नरेंद्रगिरी ने पिछले कई वर्षों से दूधधारा क्षेत्र में कब्जा कर रखा था और वहां आने वाले श्रद्धालुओं को स्नान करने से रोकते थे। श्रद्धालुओं को यह बात खल रही थी क्योंकि नर्मदा में स्नान का आध्यात्मिक महत्व है और हर साल हजारों श्रद्धालु तपोभूमि ऋषि दुर्वासा की इस स्थली में स्नान का पुण्य अर्जित करने आते हैं।

घटना के दिन भाजपा जिलाध्यक्ष के साथ अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद थे, जिन्होंने तत्काल प्रशासन से संपर्क कर कार्रवाई की मांग की। प्रशासन ने तत्काल हरकत में आते हुए अमरकंटक के नायब तहसीलदार कौशलेंद्र मिश्रा, पटवारी अश्वनी तिवारी, नगर परिषद के अधिकारी एवं वन विभाग की टीम को मौके पर भेजा। उपस्थित अधिकारियों की निगरानी में बाबा नरेंद्रगिरी को अतिक्रमण हटाने संबंधी नोटिस दिया गया और एक सप्ताह का समय दिया गया।

बाबा नरेंद्रगिरी मौके की नजाकत को समझते हुए विवाद के बीच से गायब हो गए। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने मिलकर बाबा द्वारा लगाए गए बैरिकेट्स को तोड़ दिया और पुनः स्नान शुरू कर दिया। इससे श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी।

भाजपा जिला अध्यक्ष हीरा सिंह श्याम ने कहा, “दूधधारा हमारी विरासत है। यहां स्नान पर रोक लगाना दुर्भाग्यपूर्ण था। हमने प्रशासनिक कार्रवाई कराई और स्नान बहाल हुआ।” वहीं अमरकंटक मंडल अध्यक्ष रोशन पनारिया ने कहा कि बाबा ने विवाद की स्थिति निर्मित की, जिसके बाद प्रशासन को सूचना देकर अतिक्रमण हटवाया गया।

वन विभाग के रेंजर वी.के. श्रीवास्तव ने बताया कि बाबा को पूर्व में भी नोटिस देकर स्थान खाली करने को कहा गया था, लेकिन वे नहीं माने। इस बार दोबारा नोटिस जारी कर कार्रवाई की जा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बाबा नरेंद्रगिरी पूर्व में हत्या के एक मामले में जेल भी जा चुके हैं और लगातार श्रद्धालुओं से विवाद करते रहे हैं। प्रशासन की सख्ती से अब श्रद्धालु निर्बाध रूप से दूधधारा में स्नान कर सकेंगे।

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