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*फक्कड़ बाबा जी की 13वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित, संत सुबोधपुरी को सौंपा गया आश्रम का दायित्व**

**फक्कड़ बाबा जी की 13वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित, संत सुबोधपुरी को सौंपा गया आश्रम का दायित्व**

**संवाददाता / श्रवण उपाध्याय**
**अमरकंटक।** मां नर्मदा की उद्गम स्थली अमरकंटक के पावन रुद्रगंगा आश्रम में ब्रह्मलीन महंत स्वामी नर्मदापुरी उर्फ फक्कड़ बाबा जी की 13वीं पुण्यतिथि ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को गंगा दशहरे के पावन पर्व पर श्रद्धा, भक्ति और साधना भाव के साथ मनाई गई।

फक्कड़ बाबा ने अपना संपूर्ण जीवन प्रभु भक्ति, तप और साधना को समर्पित कर ब्रह्मलीन अवस्था प्राप्त की थी। उनकी समाधि स्थल रुद्रगंगा आश्रम में स्थित है, जिसे संतों और भक्तों ने हाल ही में वन विभाग की कार्यवाही के बाद पुनः इकोफ्रेंडली रूप में स्थापित किया।

पुण्यतिथि के अवसर पर अमरपुरधाम चंडी मंदिर आश्रम रतनपुर कोटा से पधारे पंडित महंत बालमुकुंद शास्त्री द्वारा विधिवत रूप से समाधि पूजन, अखंड रामचरित मानस पाठ, हवन, आरती, कन्या पूजन और भंडारे का आयोजन हुआ।

इस पावन अवसर पर रुद्रगंगा आश्रम की सेवा सम्हाल रहे ब्रह्मचारी सुनील कुमार को पंच संस्कार के माध्यम से संन्यास की दीक्षा दी गई। साधु-संतों और अखाड़ा परिषद के महंतों की उपस्थिति में मुंडन, चोटी संस्कार, लंगोटी धारण, कान फूंकने और भगवा वस्त्र पहनाकर उन्हें संन्यासी बनाया गया। दीक्षा के पश्चात उनका नया नाम **स्वामी सुबोधपुरी** रखा गया।

उन्हें अब रुद्रगंगा आश्रम की सेवा और संचालन की पूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। पंच संतों स्वामी नर्मदानंद गिरी (गीता स्वाध्याय मंदिर), विवेक गिरी, भारती बापू, ताड़कापुरी, बरखापुरी, सुदर्शनगिरी जी महाराज के साथ बाबा लवलीन (धारकुंडी आश्रम), तारकेश्वरपुरी, आकाश चैतन्य, शिवानीपुरी (रतनपुर अखाड़ा) सहित अनेक संतों ने उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया।

इस पुण्य अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, यजमान और शिष्यगण उपस्थित रहे, जिनमें संजय शर्मा व पत्नी सरोज शर्मा (बिलासपुर), भुवन वर्मा (लोरमी), मंजीत सिंह पवार (कोटा), ज्ञानेंद्र परिहार (कवर्धा), जाजू कैटरीन (बिलासपुर) सहित अनेक श्रद्धालु सम्मिलित हुए।

पुण्यतिथि आयोजन ने फक्कड़ बाबा की आध्यात्मिक परंपरा को जीवित रखते हुए नई पीढ़ी के साधक को सेवा की जिम्मेदारी सौंप कर एक नई शुरुआत का संदेश दिया।

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