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*वनांचल सांचरखुटरा के पंडो बच्चों की शिक्षा के लिए प्रशासन की त्वरित पहल, कलेक्टर के निर्देश पर पढ़ाई और मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था*

वनांचल सांचरखुटरा के पंडो बच्चों की शिक्षा के लिए प्रशासन की त्वरित पहल, कलेक्टर के निर्देश पर पढ़ाई और मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था

कृष्णा पांडे जिला ब्यूरो जीपीएम

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। गौरेला विकासखंड के ग्राम पंचायत पूटा के आश्रित वनांचल बसाहट सांचरखुटरा में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति पंडो समुदाय के बच्चों की शिक्षा प्रभावित होने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आ गया। कलेक्टर विजय दयाराम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संज्ञान लिया और बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर के निर्देश के बाद शिक्षा विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शासकीय प्राथमिक शाला पूटा के सहायक शिक्षक चंद्रभान सिंह उइके और रणवीर सिंह बैगा की रोस्टर के आधार पर सांचरखुटरा में ड्यूटी लगाई है। दोनों शिक्षक अपनी मूल शाला में उपस्थिति दर्ज कराने के बाद प्रतिदिन बारी-बारी से सांचरखुटरा पहुंचकर सामुदायिक भवन एवं आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को नियमित रूप से पढ़ाएंगे।

इस व्यवस्था से बरसात के मौसम में बच्चों को दुर्गम और जोखिमपूर्ण रास्तों से विद्यालय आने-जाने की परेशानी नहीं होगी तथा उनकी पढ़ाई बिना किसी बाधा के जारी रह सकेगी।

बच्चों के पोषण को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने मध्यान्ह भोजन की भी समुचित व्यवस्था की है। शासकीय प्राथमिक शाला पूटा से आवश्यक खाद्य सामग्री सांचरखुटरा पहुंचाई जाएगी, जहां आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से बच्चों के लिए गर्म और पौष्टिक भोजन तैयार कर उपलब्ध कराया जाएगा।

कलेक्टर विजय दयाराम ने कहा कि जिले के दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भौगोलिक कठिनाइयों या मूलभूत सुविधाओं के अभाव में किसी भी बच्चे की पढ़ाई प्रभावित नहीं होने दी जाएगी और प्रशासन पूरी संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।

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