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*एनएसयूआई जिला अध्यक्ष पद को लेकर खींचतान, रंजीत या रंजेश किसके हाथ में कमान?*

एनएसयूआई जिला अध्यक्ष पद को लेकर खींचतान, रंजीत या रंजेश किसके हाथ में कमान?
0 प्रदेश अध्यक्ष बोले- रंजीत पद पर नहीं, रंजेश की हुई है नई नियुक्ति, फिलहाल होल्ड
00 नियुक्ति रद्द नहीं, युवा कांग्रेस चुनाव तक लेटरपैड से नहीं कर सकेंगे काम
00 अंदरूनी खींचतान के चलते मनोनयन के दो दिन बाद ही आदेश पर लगा होल्ड

बिलासपुर। एनएसयूआई के जिला अध्यक्षों के पदों को लेकर संगठन के भीतर सियासी खींचतान खुलकर सामने आ गई है। बिलासपुर में नए ग्रामीण जिला अध्यक्ष के रूप में रंजेश की नियुक्ति के महज दो दिन बाद ही उस पर होल्ड लगा दिए जाने से कांग्रेस के छात्र संगठन में गुटबाजी की चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि संगठन की कमान फिलहाल रंजीत के हाथ में है या रंजेश के।
इस पर एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष नीरज पाण्डेय ने स्पष्ट किया है कि नई नियुक्ति रंजेश सिंह की हुई है, हालांकि नियुक्ति आदेश रद्द नहीं किया गया है, बल्कि इसे अस्थायी रूप से होल्ड पर रखा गया है। संगठन के अनुसार युवा कांग्रेस के चुनाव तक रंजेश लेटरपैड या पद का आधिकारिक उपयोग नहीं कर सकेंगे। नई नियुक्ति के साथ ही पुराने पदाधिकारी वैसे ही हट गए हैं उस पद से ऐसे में दोनों ही जब तक होल्ड के बाद नया आदेश नहीं आ जाता, तब तक आधिकारिक रूप से काम नहीं कर सकते हैं।

00 *एनएसयूआई में गुट हो रहे सक्रिय*
राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को संगठन के अंदर चल रही शक्ति संतुलन की कवायद से जोड़कर देखा जा रहा है। नियुक्ति के तुरंत बाद आदेश पर रोक लगने से यह संदेश गया है कि जिला इकाई में सहमति का अभाव है और अलग-अलग गुट अपने-अपने समर्थकों को नेतृत्व में स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं।

* *संगठन के भीतर नेतृत्व को लेकर चल रही यह खींचतान*
इस घटनाक्रम का असर केवल एनएसयूआई तक सीमित नहीं माना जा रहा। युवा कांग्रेस के आगामी चुनावों से पहले संगठन के भीतर नेतृत्व को लेकर चल रही यह खींचतान कांग्रेस की युवा राजनीति पर भी असर डाल सकती है। यही हालत कांग्रेस कमेटी के सभी बॉडी में  दिखाई देता है जिससे की बिलासपुर में गुटबाजी के हालात हमेशा नजर आते हैं, फिलहाल संगठन की आधिकारिक स्थिति यही है कि रंजेश की नियुक्ति बरकरार है, लेकिन चुनावी प्रक्रिया पूरी होने तक उनके अधिकार सीमित रहेंगे।

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