अवैध रेत खनन पर उपसरपंच का आरोप: शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं, ग्रामीणों को मिल रही धमकिया
शमीम अंसारी की रिपोर्ट
कोटा। जनपद पंचायत कोटा अंतर्गत एक ग्राम पंचायत में अवैध रेत खनन को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्राम पंचायत के वर्तमान उपसरपंच ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रेत खनन जारी है, जिसकी जानकारी उन्होंने सुशासन शिविर सहित संबंधित अधिकारियों को कई बार दी, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।
उपसरपंच के अनुसार, अवैध खनन की शिकायत सुशासन शिविर में दर्ज कराई गई थी तथा इसकी सूचना संबंधित अनुभागीय अधिकारी को भी दी गई थी। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उनका कहना है कि गांव के कुछ ग्रामीणों के साथ मिलकर उन्होंने रेत घाट पर पहुंचकर जेसीबी से गड्ढे खुदवाकर अवैध खनन रोकने का प्रयास किया था, लेकिन इसके बाद उन पर दबाव बनाया जाने लगा।
उपसरपंच ने दावा किया कि शिकायत करने पर उन्हें जान-माल की धमकियां दी गईं। उनका आरोप है कि कुछ लोगों ने उन्हें चेतावनी दी कि यदि उन्होंने अवैध खनन की शिकायत जारी रखी तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। भय के कारण ग्रामीण भी खुलकर विरोध नहीं कर पा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि मामले की सूचना डायल-112 पर भी दी गई थी। शिकायत के बाद पुलिस के आने का आश्वासन मिला, लेकिन उनके अनुसार मौके पर कोई नहीं पहुंचा। इससे ग्रामीणों में निराशा और आक्रोश है।
उपसरपंच ने आरोप लगाया कि पंचायत के कुछ जनप्रतिनिधियों और प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत से अवैध रेत खनन लगातार जारी है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।
अब देखना यह होगा कि लगातार सामने आ रही शिकायतों और आरोपों के बाद शासन-प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए क्या कार्रवाई की जाती है।
उपरोक्त समाचार शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। संबंधित पक्ष का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)


