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राज्योत्सव के आमंत्रण पत्र में अमर अग्रवाल का नाम नहीं होने पर भाजपा का स्पष्टीकरण, पारिवारिक कारणों से छत्तीसगढ़ से बाहर रहेंगे विधायक; स्वयं आग्रह कर हटवाया नाम

राज्योत्सव के आमंत्रण पत्र में अमर अग्रवाल का नाम नहीं होने पर भाजपा का स्पष्टीकरण, पारिवारिक कारणों से छत्तीसगढ़ से बाहर रहेंगे विधायक; स्वयं आग्रह कर हटवाया नाम

बिलासपुर। राज्योत्सव के आमंत्रण पत्र में बिलासपुर विधायक एवं पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल का नाम शामिल नहीं होने को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के बीच भारतीय जनता पार्टी ने स्थिति स्पष्ट की है। भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक सिंह ठाकुर ने बताया कि अमर अग्रवाल पारिवारिक कारणों से छत्तीसगढ़ से बाहर रहेंगे। इसी वजह से वे जीपीएम जिले के राज्योत्सव में मुख्य अतिथि और बिलासपुर के राज्योत्सव में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल नहीं हो पाएंगे।

उन्होंने बताया कि अमर अग्रवाल ने अपनी अनुपस्थिति को देखते हुए आग्रहपूर्वक दोनों कार्यक्रमों के आमंत्रण पत्रों में अपना नाम शामिल नहीं करने का अनुरोध किया था। इसलिए बिलासपुर के आमंत्रण पत्र में उनका नाम नहीं होना किसी उपेक्षा या राजनीतिक कारण का परिणाम नहीं है।

इस संबंध में राज्य शासन की ओर से जारी जिला स्तरीय मुख्य अतिथियों की सूची में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के लिए अमर अग्रवाल का नाम शामिल था, जबकि बिलासपुर में उप मुख्यमंत्री अरुण साव को मुख्य अतिथि निर्धारित किया गया था।

 बीजेपी के जिला अध्यक्ष ने यह स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर खबर जो चलाई जा रही है वह अधूरी जानकारी के अभाव में चलाई जा रही है यह भी आग्रह किया किसी भी खबर को चलाने से पहले पूर्ण जानकारी ले लेनी चाहिए

सोशल मीडिया पर आमंत्रण पत्र में अमर अग्रवाल का नाम नहीं होने को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं सामने आईं। कुछ खबरों में इसे राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर देखा गया। लेकिन भाजपा जिलाध्यक्ष के स्पष्टीकरण के बाद इस मामले की वास्तविक वजह पारिवारिक कारणों से उनकी अनुपलब्धता बताई गई है।

राजनीतिक दृष्टि से इस पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आमंत्रण पत्र में नाम नहीं होना और किसी जनप्रतिनिधि का स्वयं अनुपस्थिति के कारण नाम हटाने का आग्रह करना, दोनों अलग-अलग परिस्थितियां हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर किसी निष्कर्ष तक पहुंचने से पहले संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष जानना जरूरी है।

भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक सिंह ठाकुर के स्पष्टीकरण के बाद अब आमंत्रण पत्र में नाम नहीं होने को लेकर चल रही चर्चाओं पर विराम लगाने की कोशिश की गई है।

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