*13 फ़रवरी को देश की आर्थिक राजधानी मे ABPSS का राष्ट्रीय बैठक के साथ अधिवेशन :-महफूज खान (राष्ट्रीय महासचिव)
*पत्रकार सुरक्षा कानून की लड़ाई भारत के 142 करोड़ लोगों की आजादी की लड़ाई है: जिग्नेश पटेल*
गुजरात/मुंबई :-दिनांक 20. भारत में जब लोकतंत्र अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहा है तो इसके बचाव की एकमात्र आशा चौथी जागीर है। लोकतंत्र के स्तम्भ कही जा सकने वाली तीन बुनियादें हिल चुकी हैं और चौथा स्तम्भ पत्रकारिता भी अपनी मूल धार खो चुकी है, पूरे देश के लिए उम्मीद की किरण अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति है जो इस समय पत्रकार संरक्षण कानूनों के लिए संघर्ष कर रही है 20 से अधिक राज्यों में। यह बात समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष जिग्नेश पटेल ने अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति की राष्ट्रीय समिति की ऑनलाइन बैठक को संबोधित करते हुए कही. आजाद देश के लिए आजाद और बेरोकटोक पत्रकारिता बहुत जरूरी है जो पत्रकार संरक्षण कानून से ही संभव है। आजकल पत्रकारिता की दिशा और स्थिति कारपोरेट कंपनियों और अखबारों ने बदल दी है
देश मे पत्रकार सुरक्षा कानून जल्द से जल्द केंद्र मे बैठी मोदी सरकार लागू करे और देश के पत्रकारो को समाजिक,आर्थिक,के साथ जान की सुरक्षा के लिए कानून बनाये जिससे देश का पत्रकार देश को मजबूत बनाने की दिशा मे अपनी जिम्मेदारी निभा सके।
कानून बनाने की दिशा मे संगठन एक जुटता के साथ देश की आर्थिक राजधानी मुंबई मे 13 फ़रवरी को एकजुट हो रहें है जिसमे आने वाले 2 अक्टूबर से गुजरात के पोरबंदर से एक यात्रा निकाली जायेगी जो देश के राज्यों मे समर्थन एकत्रित करते हुए देश की राजधानी मे एक विशाल धरना देगी जिससे सरकार पत्रकार सुरक्षा कानून लागु करे और पत्रकार को सुरक्षित करे।
Sanjeev singh Address bhartiya nagar bilaspur 7000103836

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