[responsivevoice_button voice="Hindi Female" buttontext="यह खबर हिंदी आडिओ में सुने "]

*भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) में भ्रष्टाचार और गंभीर आपराधिक कृत्यों का बड़ा खुलासा; उच्च स्तरीय जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग*।

*भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) में भ्रष्टाचार और गंभीर आपराधिक कृत्यों का बड़ा खुलासा; उच्च स्तरीय जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग*।

तरुण साहू की रिपोर्ट
भिलाई, भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) की गरिमा और सुरक्षा को ताक पर रखकर किए जा रहे गंभीर आपराधिक और अनैतिक गतिविधियों का एक बड़ा मामला प्रकाश में आया है। शिकायतकर्ता द्वारा संयंत्र के निदेशक प्रभारी (DIC) को सौंपे गए एक औपचारिक पत्र में बी.एन. पाण्डेय (कथित निजी सचिव, सांसद दुर्ग) और उनके सहयोगियों पर धोखाधड़ी, संसाधनों के दुरुपयोग और अनैतिक कार्यों के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
मुख्य आरोप और खुलासे:
धोखाधड़ी और शोषण: शिकायत के अनुसार, बी.एन. पाण्डेय और उनके रिश्तेदार राघवेंद्र गर्ग (जो स्वयं है नगर सेवा विभाग का निजी सचिव द्वारा प्रभाव डालता है) द्वारा संयंत्र में नौकरी दिलाने के नाम पर कई महिलाओं को छल-पूर्वक अपने जाल में फंसाकर उनका शोषण किया गया है।
आवासों का अवैध आवंटन: आरोप है कि संयंत्र के संसाधनों, विशेषकर अच्छे स्थित आवासों का नियमों के विरुद्ध अवैध आवंटन कराया गया है। पत्र में उल्लेख है कि संयंत्र के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से अपात्र व्यक्तियों को उच्च श्रेणी के मकान आवंटित किए गए हैं।
गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि: प्रेस विज्ञप्ति में यह सनसनीखेज तथ्य भी सामने आया है कि बी.एन. पाण्डेय के विरुद्ध महिला थाना भिलाई में एक नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला दर्ज है। इसमें FIR क्रमांक 0010/26 के तहत धारा 12-CHL, 6-CHL, 65(1)-BNS एवं 70(2)-BNS जैसी अत्यंत गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।
प्रशासनिक मिलीभगत: शिकायत में नगर सेवा विभाग के कुछ उच्च अधिकारियों पर भ्रष्टाचार को संरक्षण देने और अपराधियों के साथ साठगांठ कर संयंत्र को आर्थिक नुकसान पहुँचाने के भी आरोप लगाए गए हैं।
उच्च स्तरीय जांच की मांग:
मामले की गंभीरता और संयंत्र की साख को देखते हुए, शिकायतकर्ता ने प्रशासन से निम्नलिखित कठोर कदम उठाने की मांग की है:
इस पूरे प्रकरण की एक उच्च स्तरीय आंतरिक जांच समिति (Internal Investigation) द्वारा निष्पक्ष जांच कराई जाए।
बी.एन. पाण्डेय और उनके सहयोगियों द्वारा अवैध रूप से आवंटित किए गए सभी आवासों और नियुक्तियों को तत्काल निरस्त किया जाए।
अपराधियों को संरक्षण देने वाले तत्वों और भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *