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*पैसे मांगने के आरोप का वायरल वीडियो को एडिशनल एसपी राजेंद्र जायसवाल ने मेरी और बिलासपुर पुलिस की छवि खराब करने का बताया साजिश*

*पैसे मांगने के आरोप का वायरल वीडियो को  एडिशनल एसपी राजेंद्र जायसवाल ने मेरी और बिलासपुर पुलिस की छवि खराब करने का बताया साजिश*

कहा– “मेरी और बिलासपुर पुलिस की छवि धूमिल करने का किया जा रहा प्रयास, जांच के लिए पूरी तरह तैयार”

बिलासपुर।
बिलासपुर के तत्कालीन एडिशनल एसपी रहे राजेंद्र जायसवाल पर सोशल मीडिया में वायरल एक वीडियो के माध्यम से पैसे की अवैध मांग का आरोप लगाया गया है। इस पूरे मामले पर अपनी पहली और स्पष्ट प्रतिक्रिया देते हुए एडिशनल एसपी राजेंद्र जायसवाल ने आरोपों को पूरी तरह निराधार, भ्रामक और साजिशपूर्ण करार दिया है।

राजेंद्र जायसवाल ने कहा कि उनकी छवि और बिलासपुर पुलिस की साख को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से जानबूझकर यह वीडियो वायरल किया गया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उनके द्वारा किसी भी व्यक्ति से किसी भी प्रकार की पैसों की मांग नहीं की गई है।

*देखें पूरी वीडियो 👇👇👇*

 

*दस्तावेज के लिए बुलाया गया था, पैसे की मांग का सवाल ही नहीं**

एडिशनल एसपी जायसवाल ने स्पष्ट किया कि संबंधित व्यक्ति को दस्तावेजों के साथ कार्यालय बुलाया गया था, लेकिन बार-बार फोन करने के बावजूद वह उपस्थित नहीं हो रहा था।
इसी कारण उसे कई बार कॉल किया गया, जिसे अब तोड़-मरोड़कर गलत रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि वायरल वीडियो 13 दिसंबर का है, जब वे बिलासपुर में पदस्थ थे। उस दौरान संबंधित व्यक्ति ने पुलिस अधिकारियों के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग किया, जिस पर उसे फटकार लगाई गई। उसी घटनाक्रम को काट-छांट कर वायरल किया गया है।

*अगर पैसे की मांग होती तो तत्काल शिकायत क्यों नहीं की गई?*

राजेंद्र जायसवाल ने सवाल उठाया कि यदि वास्तव में उनके द्वारा पैसों की मांग की गई होती, तो संबंधित व्यक्ति ने उसी समय वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत क्यों नहीं की?
उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में स्पष्ट शिकायत प्रक्रिया मौजूद है, और यदि कोई दबाव या अवैध मांग होती, तो उसकी शिकायत तत्काल की जा सकती थी।

*जांच के लिए पूरी तरह तैयार**

एडिशनल एसपी राजेंद्र जायसवाल ने दो टूक कहा—

“यदि मेरे विभाग द्वारा या किसी भी स्तर पर इस मामले की जांच की जाती है, तो मैं पूरा सहयोग करूंगा। मुझे किसी भी जांच से डर नहीं है, क्योंकि मैंने कोई गलत काम नहीं किया है।”

उन्होंने दोहराया कि यह पूरा प्रकरण जानबूझकर रचा गया षड्यंत्र है, जिसका उद्देश्य उनकी व्यक्तिगत छवि के साथ-साथ,बिलासपुर पुलिस की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाना है।

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