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**कर्तव्य में लापरवाही पर सख़्त कार्रवाई – एएसआई निलंबित, थाना प्रभारी लाइन अटैच**

**कर्तव्य में लापरवाही पर सख़्त कार्रवाई – एएसआई निलंबित, थाना प्रभारी लाइन अटैच**

बिलासपुर, 9 अगस्त 2025।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि पुलिस विभाग में लापरवाही और अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कर्तव्य में घोर उदासीनता के मामले में एसएसपी ने सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) गजेंद्र शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर रक्षित केंद्र में अटैच कर दिया है, वहीं थाना सिटी कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक विवेक पांडे को अधीनस्थ स्टाफ पर नियंत्रण न रखने के कारण लाइन अटैच करने का आदेश जारी किया है।

यह कार्रवाई 5 अगस्त 2025 को दर्ज हुए एक गंभीर प्रकरण में हुई चूक के बाद की गई है। जानकारी के अनुसार, 5 अगस्त की रात मृतक दीपक साहू स्वयं थाना सिटी कोतवाली पहुंचा था और उसने एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उस समय रात्रि अधिकारी के रूप में ड्यूटी पर मौजूद एएसआई गजेंद्र शर्मा ने रिपोर्ट दर्ज कर मेडिकल परीक्षण (MLC) तो करा दिया, लेकिन इसके बाद आवश्यक कार्रवाई करने में पूरी तरह लापरवाही बरती। शिकायत की गंभीरता और संभावित खतरे को नजरअंदाज करते हुए उन्होंने मामले को आगे नहीं बढ़ाया, जिससे हालात और बिगड़ते चले गए।

इस लापरवाही का खामियाजा तीन दिन बाद, 8 अगस्त को सामने आया, जब रिपोर्ट में उल्लिखित आरोपी ने दीपक साहू की हत्या कर दी। यह हत्या सीधे तौर पर उस चूक का परिणाम थी, जिसमें पीड़ित की सुरक्षा और शिकायत पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

एसएसपी बिलासपुर ने घटना को बेहद गंभीर मानते हुए तत्काल विभागीय जांच प्रारंभ की और प्रारंभिक तथ्य सामने आते ही एएसआई गजेंद्र शर्मा को निलंबित कर दिया। साथ ही, थाना प्रभारी विवेक पांडे पर यह कहते हुए कार्रवाई की गई कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों और स्टाफ पर नियंत्रण रखने में असफल रहे, जो उनके पद और जिम्मेदारी के प्रतिकूल है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सख्त लहजे में कहा कि विभागीय अनुशासन और कर्तव्य पालन में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि भविष्य में यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा अपने पदीय कर्तव्यों में लापरवाही बरती गई, तो उसके खिलाफ तत्काल कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी, चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हो।

यह मामला न केवल पुलिस महकमे में जवाबदेही का एक ताजा उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों से अपेक्षित तत्परता में जरा सी कमी भी कितनी बड़ी त्रासदी को जन्म दे सकती है।

पुलिस विभाग के अंदर इस कार्रवाई के बाद खलबली मच गई है। कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने माना कि यह सख्ती पूरे फोर्स के लिए एक चेतावनी है कि नागरिकों की सुरक्षा और शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई करना ही पुलिस की पहली और सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि बिलासपुर पुलिस नेतृत्व अब लापरवाह अधिकारियों को बख्शने के मूड में नहीं है, और हर चूक का जवाब तुरंत और कड़ी कार्रवाई के रूप में दिया जाएगा।

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